शुक्रवार, 9 सितंबर 2011

शिक्षक

वह बुझे हुए दीप भी जला सकता हैं,
अज्ञान को दूर शिक्षक भगा सकता हैं!
अपने ज्ञान के जादू से वह-
इस धरती को स्वर्ग बना सकता हैं!!

शिक्षकों की कथनी में बड़ी शक्ति हैं,
धार ज्यों तलवार की ताकत रखती हैं!
लौ इनके ज्ञान की जब हैं फैलती तो 
देश का इतिहास बदल सकती हैं!!

अ ! देश के शिक्षकों आँखें खोलों ,
कर्तव्य की तुला पे स्वयं को तोलो !
अर्जुन से शिष्य जो करते   थे पैदा]
 आज वो गुरु द्रोण कहाँ हैं बोलो !!

यह देश कभी अनपढ़, मजबूर न बने,
विज्ञानं से ज्ञान से भरपूर बने !
इच्छा हैं मेरे ज्ञान का कण-कण
सरस्वती की मांग का सिन्दूर बने!!


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